(N/A) संरचना: फास्फोरस पेंटाक्लोराइड $(PCl_5)$ गैसीय और तरल अवस्थाओं में त्रिकोणीय द्विपिरामिडीय (trigonal bipyramidal) आकार का होता है। फास्फोरस परमाणु $sp^3d$ संकरण (hybridization) दर्शाता है।
$PCl_5$ में,तीन भूमध्यरेखीय (equatorial) $P-Cl$ बंध समान होते हैं,जबकि दो अक्षीय (axial) $P-Cl$ बंध भूमध्यरेखीय बंधों की तुलना में लंबे होते हैं। इसका कारण यह है कि अक्षीय बंध युग्म,भूमध्यरेखीय बंध युग्मों से अधिक प्रतिकर्षण का अनुभव करते हैं।
$PCl_5$ के गुण:
$1$. $PCl_5$ एक पीले-सफेद रंग का पाउडर है। नम हवा में,यह जल-अपघटित होकर फास्फोरस ऑक्सीक्लोराइड $(POCl_3)$ और अंततः फास्फोरिक एसिड $(H_3PO_4)$ देता है:
$PCl_5 + H_2O \rightarrow POCl_3 + 2HCl$
$POCl_3 + 3H_2O \rightarrow H_3PO_4 + 3HCl$
$2$. गर्म करने पर,यह ऊर्ध्वपातित (sublimes) होता है,लेकिन अधिक गर्म करने पर यह विघटित हो जाता है:
$PCl_5 \xrightarrow{\Delta} PCl_3 + Cl_2$
$3$. यह $-OH$ समूह वाले कार्बनिक यौगिकों के साथ प्रतिक्रिया करके उन्हें क्लोरो डेरिवेटिव में परिवर्तित कर देता है:
$C_2H_5OH + PCl_5 \rightarrow C_2H_5Cl + POCl_3 + HCl$
$CH_3COOH + PCl_5 \rightarrow CH_3COCl + POCl_3 + HCl$
$4$. बारीक पिसी हुई धातुएं $PCl_5$ के साथ गर्म करने पर अपने संबंधित क्लोराइड देती हैं:
$2Ag + PCl_5 \rightarrow 2AgCl + PCl_3$
$Sn + 2PCl_5 \rightarrow SnCl_4 + 2PCl_3$